लैंटाना और गेंदा पौधे से खेत सुरक्षा

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लैंटाना और गेंदा पौधे से खेत सुरक्षा

News Summary

  • पिथोरिया के किसान लैंटाना और गेंदा लगा रहे हैं।
  • इन पौधों की तीखी सुगंध कीड़ों को दूर रखती है।
  • सांप-बिच्छू भी इनसे दूर रहते हैं।
  • इससे खेत सुरक्षित रहता है और फूल भी मिलते हैं।

झारखंड की राजधानी रांची में पिथोरिया के किसान अपने खेतों के चारों ओर लटाना और गेंदा फूल जैसे पौधे लगा रहे हैं। इन पौधों की तीखी सुगंध कई कीड़ों को आकर्षित नहीं करती। किसान अशोक बताते हैं कि उनके द्वारा जितनी भी खेती होती है, उसके किनारे वह इन फूलों को लगाते हैं। इस तकनीक को ट्रैप क्रॉपिंग कहा जाता है।

पिथोरिया एक पथरीला क्षेत्र है जहां शाम को बिच्छू पहाड़ से बहुत निकलते हैं। लैंटाना पौधे का सुगंध इतना तीखा होता है कि सांप बिल्कुल नहीं पसंद करते। वे दुम दबाकर भाग जाते हैं या फिर इसके कटीले पत्तों में उलझ जाते हैं। रंग बिरंगी गेंदा फूलों की सुगंध कई कीड़ों और मकोड़ों को पसंद नहीं आती।

इसके फायदे

यह एक आसान और किफायती उपाय है जो फसलों को सुरक्षित रखता है। कई बार ग्राहक खुद खेत पर आकर गेंदा फूल खरीद ले जाते हैं, जिससे आमदनी भी मिलती है। खेतों के चारों ओर लगे इन फूलों से खेत बहुत सुंदर लगता है। यहां के आसपास के सारे किसान यही तरीका अपना रहे हैं। इससे बड़े कीड़े, मकोड़े और जानवर फसलों को नुकसान नहीं पहुंचा पाते।

Frequently Asked Questions

लैंटाना और गेंदा पौधे क्यों लगाए जाते हैं?

इन पौधों की तीखी सुगंध कीड़ों और सांपों को दूर रखती है। यह एक पारंपरिक तरीका है जो फसलों की सुरक्षा करता है।

यह तरीका किस क्षेत्र में अपनाया जा रहा है?

झारखंड के रांची जिले के पिथोरिया में किसान इस तरीके का उपयोग कर रहे हैं। यह एक पथरीला क्षेत्र है।

इन पौधों से क्या अतिरिक्त लाभ मिलता है?

इनसे खेत खूबसूरत लगता है। गेंदा फूल को बाजार में बेचा जा सकता है जिससे आमदनी भी मिलती है।


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Karan Verma
News Reporter

Karan Verma is SRMD Indian News's Auto and Technology Correspondent based in Gurugram, covering the Indian automotive industry and consumer technology for six years. He has reported from Bharat Mobility Global Expo, reviewed electric vehicles from Tata Motors, Ola Electric, Ather Energy, and MG Motor India, and tracked the government's FAME II scheme and India's EV adoption curve. On the technology side, Karan covers smartphone launches from Samsung, OnePlus, Apple India, and Poco, as well as the startup ecosystem, funding rounds, IPOs, and the regulatory landscape for fintech and edtech companies. He holds an engineering degree from VIT Vellore and a postgraduate diploma in journalism from the Indian Institute of Mass Communication, New Delhi. Karan previously wrote for CarWale and Gadgets360.

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