गोल्ड लोन में 4 गुना उछाल, 3 साल में 2 लाख रुपए तक पहुँचा औसत राशि

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गोल्ड लोन में 4 गुना उछाल, 3 साल में 2 लाख रुपए तक पहुँचा औसत राशि

News Summary

  • भारत में पिछले 3 वर्षों में गोल्ड लोन का बैलेंस 4 गुना बढ़ा।
  • औसत गोल्ड लोन राशि अब 2 लाख रुपए पहुँच गई है।
  • बेहतर क्रेडिट वाले उधारकर्ताओं की हिस्सेदारी 52% हो गई है।
  • एनबीएफसी और सरकारी बैंकों की बाजार हिस्सेदारी बढ़ी है।

भारत में गोल्ड लोन अब सिर्फ इमरजेंसी जरूरत का साधन नहीं रहा। यह तेजी से मुख्यधारा का वित्तीय उत्पाद बन रहा है। TransUnion CIBIL की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, पिछले तीन वर्षों में गोल्ड लोन का कुल बैलेंस करीब 4 गुना तक बढ़ गया है।

इस सेगमेंट में तेज विस्तार देखा गया है। मार्च 2022 से दिसंबर 2025 के बीच रिटेल लोन पोर्टफोलियो में गोल्ड लोन की हिस्सेदारी 5.9 प्रतिशत से बढ़कर लगभग 11 प्रतिशत तक पहुंच गई है। यह इसकी बढ़ती लोकप्रियता को दिखाता है।

गोल्ड लोन में बदलते पैटर्न

रिपोर्ट के मुताबिक, प्रति खाता औसत गोल्ड लोन बैलेंस मार्च 2022 में करीब 1.1 लाख रुपए था, जो दिसंबर 2025 तक बढ़कर लगभग 1.9 लाख रुपए हो गया है। वहीं औसत टिकट साइज भी लगभग दोगुना होकर 90,000 रुपए से बढ़कर 1.96 लाख रुपए तक पहुंच गया है। यह साफ संकेत है कि लोग अब पहले के मुकाबले ज्यादा बड़ी रकम के लिए गोल्ड लोन ले रहे हैं।

गोल्ड लोन सेगमेंट में नॉन बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियों यानी एनबीएफसी की भूमिका तेजी से बढ़ी है। मार्च 2022 में जहां इनकी हिस्सेदारी 7 प्रतिशत थी, वह दिसंबर 2025 तक बढ़कर 11 प्रतिशत हो गई है। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने भी अपनी पकड़ मजबूत की है और उनकी हिस्सेदारी 57 प्रतिशत से बढ़कर 62 प्रतिशत तक पहुंच गई है।

उधारक्ताओं की प्रोफाइल में भी बदलाव आया है। प्राइम और उससे ऊपर के क्रेडिट प्रोफाइल वाले उधारकर्ताओं का हिस्सा 2022 के 43 प्रतिशत से बढ़कर 2025 में करीब 52 प्रतिशत हो गया है। वहीं नए उधारकर्ताओं की हिस्सेदारी घटकर 12 प्रतिशत से 6 प्रतिशत रह गई है।

प्रति उधारकर्ता औसत बकाया राशि भी बढ़ी है। दिसंबर 2022 में यह 1.9 लाख रुपए थी, जो दिसंबर 2025 में बढ़कर 3.1 लाख रुपए हो गई है। इसके अलावा 2.5 लाख रुपए से ज्यादा के लोन लेने वालों की हिस्सेदारी भी 10 प्रतिशत से बढ़कर 14 प्रतिशत तक पहुंच गई है।

गोल्ड लोन विकास के मुख्य संकेतक

मापदंड 2022 2025
कुल बैलेंस 1 गुना 4 गुना
औसत लोन राशि ₹90,000 ₹1.96 लाख
बेहतर क्रेडिट वाले उधारकर्ता 43% 52%
सरकारी बैंकों की हिस्सेदारी 57% 62%
प्रति उधारकर्ता औसत बकाया ₹1.9 लाख ₹3.1 लाख

Frequently Asked Questions

गोल्ड लोन लेने वालों की प्रोफाइल में क्या बदलाव आया है?

बेहतर क्रेडिट वाले उधारकर्ताओं की हिस्सेदारी 43% से बढ़कर 52% हो गई है। नए उधारकर्ताओं की संख्या घटकर 6% रह गई है।

गोल्ड लोन सेगमेंट में एनबीएफसी की भूमिका कैसी बनी है?

एनबीएफसी की बाजार हिस्सेदारी 7% से बढ़कर 11% हो गई है। सरकारी बैंकों की भी हिस्सेदारी 57% से बढ़कर 62% हो गई है।

गोल्ड लोन विस्तार का क्या संकेत दे रहा है?

गोल्ड लोन अब सिर्फ इमरजेंसी जरूरत का साधन नहीं है। यह तेजी से मुख्यधारा का वित्तीय उत्पाद बन रहा है।


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Deepa Nair
News Reporter

Deepa Nair is SRMD Indian News's Senior Political Correspondent, reporting from New Delhi on Parliament, elections, and national policy for more than ten years. She has covered Lok Sabha and Rajya Sabha sessions, tracked election campaigns across Uttar Pradesh, Maharashtra, Tamil Nadu, and West Bengal, and analysed landmark policy decisions from the Prime Minister's Office and Union Ministries. Deepa's reporting examines how central government schemes, from PM Awas Yojana to Ayushman Bharat, affect citizens at the grassroots level, drawing on data from the Election Commission of India and NITI Aayog. She holds a Master's degree in Political Science from Jawaharlal Nehru University, New Delhi, and has contributed analyses to The Wire, Outlook India, and The Print.

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